मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग की मुस्तैदी, चारधाम यात्रा बनी सुरक्षित व सुगम, सीमाओं से परे तैयारी, अन्य राज्यों में पहुंचकर मजबूत हो रहा चारधाम यात्रा का हेल्थ नेटवर्क

देहरादून : उत्तराखंड में चारधाम यात्रा अब विधिवत रूप से शुरू हो चुकी है। गंगोत्री मंदिर और यमुनोत्री मंदिर के कपाट खुलने के बाद आज केदारनाथ मंदिर के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश में आस्था, उत्साह और श्रद्धा का विशाल प्रवाह देखने को मिल रहा है।

सीएम पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों, स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के मार्गदर्शन और स्वास्थ्य सचिव सचिन कुर्वे के नेतृत्व में राज्य सरकार ने यात्रा को सुरक्षित,व्यवस्थित और स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहतर बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। इस बार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को “प्रो-एक्टिव” रणनीति के तहत कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले ही यात्रा मार्गों पर तैनात की जा चुकी हैं। इन टीमों द्वारा स्वास्थ्य जांच, प्राथमिक उपचार, आपातकालीन सेवाएं और जागरूकता अभियान लगातार संचालित किए जा रहे हैं। मोबाइल मेडिकल यूनिट्स, क्विक रिस्पांस टीमें और अस्थायी स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का फोकस केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं को पहले से जागरूक कर स्वास्थ्य जोखिमों को कम करना भी है।

दूसरे राज्यों में भी पहुंची स्वास्थ्य जागरूकता मुहिम

इसी रणनीति के तहत उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को उन राज्यों में भेजा गया है, जहां से बड़ी संख्या में श्रद्धालु चारधाम यात्रा के लिए आते हैं। इस क्रम में सहायक निदेशक, स्वास्थ्य विभाग डॉ. अमित शुक्ला ने मध्य प्रदेश का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अशोक बर्नवाल, अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य), मध्य प्रदेश शासन से मुलाकात कर चारधाम यात्रा से संबंधित स्वास्थ्य तैयारियों और जागरूकता पर चर्चा की। उत्तराखंड सरकार द्वारा तैयार हिंदी एवं अंग्रेज़ी में स्वास्थ्य एडवाइजरी भी साझा की गई, ताकि इसे व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जा सके और श्रद्धालु यात्रा से पहले ही आवश्यक सावधानियां अपना सकें।

जागरूक श्रद्धालु, सुरक्षित यात्रा

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी में श्रद्धालुओं को यात्रा से पूर्व स्वास्थ्य परीक्षण कराने, आवश्यक दवाइयां साथ रखने, पर्याप्त विश्राम करने और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में धीरे-धीरे अनुकूलन अपनाने की सलाह दी गई है।बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार व्यक्तियों के लिए विशेष सावधानियां भी सुझाई गई हैं, जिससे किसी भी प्रकार के स्वास्थ्य जोखिम को कम किया जा सके। चारधाम यात्रा के विधिवत शुभारंभ के साथ ही उत्तराखंड सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस बार व्यवस्थाएं पारंपरिक स्वरूप से आगे बढ़कर अधिक संगठित, तकनीकी रूप से सक्षम और स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिकोण से सुदृढ़ हैं। स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता और अंतरराज्यीय समन्वय यह सुनिश्चित कर रहा है कि श्रद्धालु सुरक्षित, स्वस्थ और सहज तरीके से अपनी आध्यात्मिक यात्रा पूर्ण कर सकें।

सुरक्षित और सुगम यात्रा सरकार की प्राथमिकता

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा है कि चारधाम यात्रा प्रदेश की आस्था और पहचान का केंद्र है, इसलिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सुविधाओं को हर स्तर पर मजबूत रखा जाए और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य के प्रति किया जा रहा जागरूक

स्वास्थ्य सचिव सचिन कुर्वे ने कहा कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है। यात्रा मार्गों पर पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं, विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती, मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और क्विक रिस्पांस टीमें सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने बताया कि अन्य राज्यों के साथ समन्वय स्थापित कर श्रद्धालुओं को यात्रा से पहले ही स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि हर श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में अपनी यात्रा पूरी करे और किसी भी आपात स्थिति में उसे त्वरित उपचार उपलब्ध हो सके।

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