रूस में MBBS: एडमिशन प्रक्रिया, योग्यता और खर्च, जानें पूरी जानकारी

नई दिल्ली। NEET UG परिणाम घोषित होने के बाद मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश की प्रक्रिया तेज हो गई है। देश में MBBS की लगभग 1.30 लाख सीटों के मुकाबले इस वर्ष 11 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के क्वालिफाई करने के कारण बड़ी संख्या में छात्र विदेश में मेडिकल शिक्षा का विकल्प चुन रहे हैं। इनमें रूस भारतीय विद्यार्थियों के लिए सबसे लोकप्रिय देशों में शामिल है।

रूस में वर्तमान में 20 हजार से अधिक भारतीय छात्र मेडिकल शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। यहां से MBBS की पढ़ाई पूरी करने के बाद भारत में चिकित्सकीय अभ्यास के लिए छात्रों को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के नियमों के अनुसार आवश्यक परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है।

प्रवेश के लिए आवश्यक योग्यता

रूस में MBBS में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी का विज्ञान संकाय से 12वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है, जिसमें भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीवविज्ञान विषय शामिल हों। अधिकांश विश्वविद्यालयों में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य हैं। छात्र की आयु कम से कम 17 वर्ष होनी चाहिए तथा संक्रामक रोगों से मुक्त होने का मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र भी आवश्यक होता है।

NEET परीक्षा उत्तीर्ण करना भारत में भविष्य में मेडिकल प्रैक्टिस के लिए जरूरी है। हालांकि कुछ विश्वविद्यालय बिना NEET के भी प्रवेश देते हैं, लेकिन ऐसे छात्र भारत में चिकित्सकीय अभ्यास के पात्र नहीं होते।

छह वर्ष का होता है कोर्स

रूस में MBBS की अवधि छह वर्ष होती है। इसमें पहले पांच वर्ष अकादमिक अध्ययन और अंतिम वर्ष इंटर्नशिप के लिए निर्धारित होता है। शुरुआती तीन वर्षों में थ्योरी आधारित शिक्षा दी जाती है, जबकि अंतिम तीन वर्षों में क्लीनिकल प्रशिक्षण और प्रैक्टिकल पर विशेष जोर रहता है।

प्रवेश प्रक्रिया

रूस के अधिकांश मेडिकल विश्वविद्यालयों में MBBS के लिए अलग से प्रवेश परीक्षा नहीं होती। इच्छुक छात्र संबंधित विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन पत्र भरकर आवश्यक शैक्षणिक दस्तावेज और पहचान पत्र जमा करते हैं। दस्तावेजों की जांच के बाद चयनित अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय की ओर से ईमेल के माध्यम से प्रवेश की सूचना भेजी जाती है।

कितना आता है खर्च

रूस में अंग्रेजी माध्यम से MBBS की पढ़ाई का कुल खर्च सामान्यतः 25 लाख से 45 लाख रुपये के बीच होता है। इसमें छह वर्षों की ट्यूशन फीस और हॉस्टल का खर्च शामिल रहता है। सरकारी मेडिकल विश्वविद्यालयों में वार्षिक ट्यूशन फीस लगभग 3 लाख से 6 लाख रुपये होती है, जबकि रहने और भोजन का मासिक खर्च औसतन 10 हजार से 15 हजार रुपये तक आता है। वास्तविक खर्च विश्वविद्यालय, शहर और रूबल की विनिमय दर के अनुसार कम या अधिक हो सकता है।

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