- प्रस्तावों की जांच से लेकर पुराने कार्यों के स्थलीय सत्यापन के निर्देश; बेहतर उत्पादन वाले क्लस्टरों को बाजार तक पहुंचाने के लिए वाहन सुविधा का प्रस्ताव मांगा
पौड़ी। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) के तहत फार्म फेसिंग पॉलिसी (घेरबाड़ नीति) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला सभागार में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना के तहत प्राप्त प्रस्तावों की वास्तविक स्थिति की जांच, पात्र लाभार्थियों का चयन, कार्यों की गुणवत्ता, अनुश्रवण और विभिन्न विभागों के बीच कन्वर्जेंस को लेकर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने प्रस्तावों के चयन में पारदर्शिता और लाभार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के साथ ही कार्यों की गुणवत्ता का स्थलीय सत्यापन करने के निर्देश दिए।
सभी प्रस्तावों की होगी वास्तविकता की जांच
जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी को निर्देश दिए कि जनपद के सभी खंड विकास अधिकारियों के साथ प्राप्त प्रस्तावों की जांच कर उनकी वास्तविक स्थिति का परीक्षण किया जाए। संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कन्वर्जेंस के माध्यम से कार्य कराने के निर्देश दिए गए, ताकि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके। जिलाधिकारी ने कृषि भूमि संरक्षण अधिकारियों से क्षेत्रवार स्थिति और प्रस्तावित कार्यों की जानकारी भी ली।
पुराने घेरबाड़ कार्यों का स्थलीय निरीक्षण
जिलाधिकारी ने जिला योजना के माध्यम से पूर्व में कराए गए घेरबाड़ एवं संबंधित कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर गुणवत्ता का सत्यापन करने को कहा। उन्होंने पूर्व में किए गए कार्यों की स्थिति और उनके परिणामों का परीक्षण कर उसके आधार पर आगामी कार्यों की योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रस्तावों के चयन में स्थानीय लोगों की सहभागिता और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जाए। ऐसे क्षेत्रों का चयन किया जाए, जहां वर्तमान में खेती हो रही है और स्थानीय लोग सहभागिता के साथ घेरबाड़ कार्य कराने के लिए तैयार हैं।
संयुक्त एसओपी के अनुसार होगा योजना का संचालन
मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती जुयाल ने बताया कि शासन स्तर पर कृषि एवं उद्यान विभाग के अंतर्गत फार्म फेसिंग पॉलिसी के लिए संयुक्त मानक संचालन प्रविधि (एसओपी) जारी की गई है। योजना के प्रभावी संचालन के लिए जिलास्तरीय समिति का गठन किया गया है। बैठक में एसओपी के अनुरूप योजना संचालन, लाभार्थियों के चयन और कार्यों के अनुश्रवण से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
बेहतर उत्पादन वाले क्लस्टरों को मिलेगी परिवहन सुविधा
बैठक में कृषि एवं उद्यान गतिविधियों को क्लस्टर आधारित तरीके से बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि जिन क्लस्टरों में सब्जी और दलहन का अच्छा उत्पादन हो रहा है, वहां किसानों को बेहतर बाजार मूल्य मिल रहा है। जिलाधिकारी ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले क्लस्टरों को उनके उत्पादन के आधार पर वाहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जिला योजना में प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिल सके।
दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए नए दुग्ध मार्ग विकसित होंगे
दुग्ध उत्पादन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने दुग्ध उत्पादन से जुड़े लाभार्थियों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के लिए एक माह का समय दिया। मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने जनपद में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए नए दुग्ध मार्ग विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे दुग्ध उत्पादकों को संग्रहण और विपणन की बेहतर सुविधा मिल सके।
एकेश्वर में कोल्ड स्टोरेज का काम तत्काल शुरू कराने के निर्देश
जिलाधिकारी ने जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी को एकेश्वर में प्रस्तावित कोल्ड स्टोरेज का कार्य तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोल्ड स्टोरेज की सुविधा से स्थानीय उत्पादों का सुरक्षित भंडारण किया जा सकेगा और किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी। उन्होंने क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुसार प्रस्ताव तैयार करने, लाभार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा कार्यों में निर्धारित मानकों और गुणवत्ता का पालन कराने के निर्देश दिए।
ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में सीडीओ अशोक जोशी, पीडी डीआरडीए केवल कुमार उपाध्याय, मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती जुयाल, सीवीओ डॉ. विशाल शर्मा, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी, एआर सहकारिता सुमन कुमार, जिला मत्स्य प्रभारी अभिषेक मिश्रा सहित सभी कृषि भूमि एवं संरक्षण अधिकारी उपस्थित रहे।

